अश्वगंधा के फायदे! ashwagandha benifit in hindi!10 fayede aur nuksan


अश्वगंधा पाउडर, जड़ और पत्ते लकड़ी के कटोरे में - अश्वगंधा के फायदे



अश्वगंधा क्या है ?

अश्वगंधा आयुर्वेद की सबसे प्रसिद्ध और गुणकारी जड़ी बूटियों में से एक है। संस्कृत में अश्व का मतलब होता है घड़ा और गंधा का मतलब होता है गंध। कहा जाता है कि इसकी जड़ से घड़े जेसी गंध आती है। ओर इसका सेवन करने से व्यक्ति में घोड़े जेसी शक्ति आती है । इसी कारण इसे भारतीय जिनसेंग भी कहा जाता है ।

आयुर्वेद में अश्वगंधा को रसायन माना गया है । रसायन का अर्थ अर्थ है शरीर को अन्दर से मजबूत करने वाली औषधि । आज के समय में जब हर व्यक्ति तनाव, थकान, नींद न आने ओर कमजोरी से परेशान हैं तब अश्वगंधा एक प्राकृतिक सहारे के रूप में सामने आती है । इसमें बथेनोलाइद होते हैं । बाजार मे यह चूर्ण, केप्सूल ओर गोली के रूप मे आसानी से मिल

 जाती है ।

लेकिन किसी भी चीज का फायदा तभी मिलता है जब उसे सही तरीके से ओर सही मात्रा में लिया जाए । आइए विस्तार से जानते है अश्वगंधा के 10 बड़े फायदे, इसका नुकसान ओर इसका सेवन केसे करना चाहिए ।

अश्वगंधा के 10 चमत्कारी फायदे 

1. तनाव और चिंता को कम करता है

आज के समय मे तनाव सबसे बड़ी समस्या है । अधिक तनाव से हमारे शरीर में कोर्टिसोल नामक हार्मोन बढ़ जाता है । कोर्टिसोल बढ़ने से ग्राहक बेचेंगी ओर थकान होती है । अश्वगंधा एक एडेप्तोजन है जो शरीर को तनाव से लडने मे मदद करता है । शोध में पाया गया है कि रोजाना 500 से 600 मिलीग्राम अश्वगंधा लेने से कोर्टीसोल का स्तर कम होता है और मन शांत रहता है । जो लोग होर छोटी बात पर घवरा जाते हैं, उनके लिए यह बहुत उपयोगी है ।

2. अच्छी ओर गहरी नींद लाने में मदद करता है

अच्छी नींद अच्छे स्वास्थ्य की नींव है । बहुत से लोग को रात में नींद आती या नींद वार वार टूट जाती है । अश्वगंधा मस्तिष्क को शांत करता है और नींद लाने वाले हार्मोन को संतुलित करता है । क‌ई अध्ययनो में देखा गया है कि अश्वगंधा लेनेवाले लोगों को नींद जल्दी आती है, उनकी नींद गहरी होती है और सुलह उठने पर वे तरोताजा महसूस करते हैं । जिन लोगों को अनिद्रा की शिकायत है उनके लिए यह एक प्राकृतिक उपाय है।

3. उर्जा और थकान कम करे

यह थकान घटाकर दिन भर की उर्जा बनाए रखने में मदद करती है ।

4. फोकस ओर याददाश्त बेहतर करें

तनाव कम होने से ध्यान, कार्यकारी क्षमता ओर प्रतिक्रिया समय में सुधार के प्रमाण मिले हैं ।

5.शारिरिक क्षमता बढाए

कुछ अध्ययनों में VO2max यानी आक्सीजन क्षमता में सुधार देखा गया है ।

6. मांसपेशियों की ताकत 

व्यायाम करने वालों में ताकत ओर रिकवरी को सपोर्ट करती हैं ।

अश्वगंधा के फायदे - एनर्जी, मसल्स स्ट्रेंथ, नींद और तनाव में लाभ


7. मूड संतुलित रखें

बेहतर नींद और कम तनाव से मूड स्थिर रहता है ।

8. महिलाओं में पेरिमेनोपॉज के लक्षण में मदद

300 मिलिग्राम दिन में दो बार 8 हफ्ते तक लेने पर लक्षण स्कोर में सुधार देखा गया है ।

9. इम्यूनिटी को सपोर्ट 

रसायन होने के कारण शरीर की सामन्य प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करती है ।

10. सामान्य स्वास्थ्य और कल्याण 

क‌ई ट्रायल में लोगों ने थकान,बेचैनी ओर सामान्य कल्याण में सुधार सातारा है ।

पुरुषों के लिए अश्वगंधा के फायदे, खुराक और खाने का सही तरीका

पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन बढ़ाने के लिए अश्वगंधा कैसे खाएं?

पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन बढ़ाने के लिए रात को सोने से 1 घंटा पहले गुनगुने दूध के साथ 1 चम्मच अश्वगंधा पाउडर या 500mg का 1 कैप्सूल लेना सबसे असरदार माना जाता है। इससे नींद भी गहरी आती है और हार्मोन बैलेंस होता है।

स्पर्म काउंट और फर्टिलिटी बढ़ाने के लिए अश्वगंधा पाउडर का सेवन कैसे करें?

फर्टिलिटी के लिए आयुर्वेद में अश्वगंधा को शहद और दूध के साथ लेने की सलाह दी जाती है। रोज सुबह-शाम खाने के बाद दूध के साथ अश्वगंधा लेने से 2-3 महीने में असर दिखना शुरू होता है।

महिलाओं के लिए अश्वगंधा के फायदे और खाने का सही तरीका

 महिलाओं में हार्मोनल असंतुलन और पीसीओएस में अश्वगंधा के फायदे

अश्वगंधा तनाव हार्मोन Cortisol को कम करता है, जिससे पीरियड्स नियमित होने में मदद मिलती है और पीसीओएस के लक्षणों में आराम मिलता है। यह मूड स्विंग्स और थकान को भी कम करता है।


महिलाओं को अश्वगंधा दूध के साथ लेना चाहिए या पानी के साथ?

अगर कमजोरी, थकान या वजन कम है तो दूध के साथ लें। अगर वजन घटाना है या थायराइड की समस्या है तो गुनगुने पानी के साथ लेना ज्यादा सही रहता है।

नुकसान ओर किसे सावधानी बरतनी चाहिए 

अधिकतर स्वास्थ्य लोगों में 12 हफ्ते तक का उपयोग सुरक्षित माना जाता है,पर कुछ लोगों में पेट में गड़बड़ी,जी मिचलाना ओर नींद आना जैसे हल्के दुष्प्रभाव हो सकते हैं ।

इन लोगों को अश्वगंधा से बचना चाहिए या डॉक्टर से पुछना चाहिए:

० गर्भवती ओर स्तनपान कराने वाली महिलाए
० थायराइड की दवा, नींद या घबराहट की दवा, डायबिटीज की दवा ओर इम्यून स्प्रेसेंट लेने वाले लोग
० आटोइम्यून रोग,लिवर रोग वाले या सर्जरी होने वाली हो तो
दुर्लभ मामलों में लिवर में चोट की रिपोर्ट भी हुई है ।अगर पीलिया, गहरा पेशाब या लगातार उल्टी जैसे लक्षण आएं तो तुरंत सेवन बंद करके डॉक्टर से मिलें ।

Ashwagandha Khane Ka Sahi Tarika - Doodh Pani Aur Shahad Ke Sath


खाने का सही तरीका 

1. रूप ओर मात्रा 

बाजार में चूर्ण, केप्सूल ओर गोली मिलती है। रिसर्च में अक्सर KSM-66 या Sensorial जैसे मानकीकृत रूप एक्सट्रैक्ट 240 से 600 मिलीग्राम रोजाना 6 से 12 हफ्ते तक उपयोग किए गए हैं। चूर्ण लेते हैं तो 2 से 4 ग्राम रोजाना, गुनगुने दूध या पानी के साथ । हमेशा लेबल पर लिखी मात्रा से शुरू करें।

2. समय 

तनाव के लिए सुबह या दिन में दो बार बंट कर, नींद के लिए रात में सोने से 1 घंटा पहले लेना ज्यादा लोग पसंद करते हैं।

3. कैसे लें 

खाली पेट से बचें, खाने के बाद लें। लगातार 2 से 3 महीने से ज्यादा बिना डॉक्टर की सलाह के न लें।बीच में 2 से 4 हफ्ते का ब्रेक लें।

4. गुणवत्ता 

मानकीकृत एक्सट्रैक्ट,विथेनोलाइड प्रतिशत लिखा हो ओर थर्ड पार्टी टेस्टेड उत्पाद ही लें।

यह जानकारी शैक्षिक उद्देश्य से बानाई ग‌इ है। कोई भी नया सप्लीमेंट शुरू करने से पहले अपने हेल्थकेयर प्रफेशनल से बात करें, खासकर यदि आपको कोई बीमारी है या आप दवा ले रहे हैं।

निष्कर्ष 

अश्वगंधा कोई जादुई दवा नहीं बल्कि आयुर्वेद का एक प्रमाणित एडप्टोजन है । सही मात्रा और सही तरीके से लेने पर यह आज की सबसे आम समस्याओं जेसे तनाव, चिंता, नींद न आना, थकान ओर कमजोरी में प्राकृतिक सहारा बन सकती है।
इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह शरीर को तनाव से लडने की ताकत देती है जिससे नींद मूड,पोटास ओर उर्जा अपने आप बेहतर होते हैं। रिसर्च में 300 से 600 मिलिग्राम मानकीकृत अर्क रोजाना 6 से 8 हफ्ते तक लेना सबसे ज्यादा असरदार ओर सुरक्षित पाया गया है।
लेकिन याद रखे हर अच्छी चीज की भी एक सीमा होती है।
ज्यादा मात्रा गलत समय इया बिना जरूरत लम्बे समय तक लेने से पेट खराश होना नींद ज्यादा आना ओर लिवर पर असर जेसे नुकसान हो सकते हैं। गर्भवती महिलाएं , थायराइड,ओटोइम्यून या लिवर के मरीजों को बिना डॉक्टर की सलाह के इसे नहीं लेना चाहिए।
सबसे अच्छा तरीका है कम मात्रा से शुरु करें खाने के बाद गुनगुने दुध या पानी के साथ ले 2 से 3 महीने लेकर ब्रेक दें ओर अच्छी कंपनी का टेस्टड प्रोडक्ट ही चुनें।
अगर आप प्राकृतिक तरीके से अंदर से मजबुत होना चाहते हैं तो अश्वगंधा एक बेहतरीन विकल्प है पर इसे समज्ञदारी ओर डॉक्टर की सलाह से ही अपनाएं ।
Ashwagandha Conclusion - Natural Wellness


टिप्पणियाँ

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